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Tuesday 16 Oct 2018

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छत्तीसगढ़ के बारे में मशहूर है कि यहां का बयालीस प्रतिशत भूभाग वनों से आच्छादित है। इस आंकड़े पर हम अभी बहस नहीं करेंगे। यह भी सर्वविदित है कि यहां की लगभग बत्तीस प्रतिशत आबादी विभिन्न जनजातियों की है। उनमें विलुप्तप्राय जनजातियां यथा- बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा आदि भी हैं। नागर दृष्टि के लिए आदिवासी समाज कौतुक का विषय है या फिर हाल के वर्षों में भय का। एक समय था जब बस्तर या तो कालापानी था या आदिमवासना का उत्सव। प्रदेश का दक्षिणी भाग याने बस्तर अनेक कारणों से चर्चा में रहा है, लेकिन आदिवासी तो प्रदेश की चारों दिशाओं में बसे हुए हैं। उत्तर छत्तीसगढ़ अर्थात सरगुजा, जशपुर के आदिवासी जनजीवन पर

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