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Monday 20 Nov 2017

अक्षर पर्व July   2016 (अकं 202)  की रचनायें

  • ख़्वाब जो गुमशुदा हो गए ( समीक्षा  )
  • By : अनिल अग्निहोत्री     View in Text Format    |     PDF Format
  • गुड्डू बाबू की सेल ( पुन:पाठ  )
  • By : रघुनंदन त्रिवेदी     View in Text Format    |     PDF Format
  • गुड्डू बाबू की सेल : बाजार की उलटबाँसी ( पुन:पाठ  )
  • By : पल्लव     View in Text Format    |     PDF Format
  • संवेदनहीन सलमान खान ( उपसंहार  )
  • By : सर्वमित्रा सुरजन     View in Text Format    |     PDF Format
  • ‘अक्षर पर्व’ का पूर्णांक 199 (अप्रैल 2016) यथा समय मिला।  ( पत्र  )
  • By : प्रो.भगवानदास जैन,     View in Text Format    |     PDF Format
  • अप्रैल अंक आद्यान्त पढ़ा। प्रस्तावना बेहद पसंद आई। फिल्मों पर ललित सुरजन के विचारों से अभिभूत हुए बिना नहीं रहा जा सकता। ( पत्र  )
  • By : पत्र     View in Text Format    |     PDF Format
  • मई 2016 का अक्षर पर्व मिला। हमेशा की तरह मैं प्रस्तावना से पढऩा शुरू करता हूं, क्योंकि उसमें कुछ खास होता है ऐसा जो सोच को जगा देता है।  ( पत्र  )
  • By : पत्र     View in Text Format    |     PDF Format
  • नौकरी के क्रम में लंबे समय तक बाहर रहा, लौटा तो अक्षरपर्व के कई अंक एक साथ मिले। ( पत्र  )
  • By : पत्र     View in Text Format    |     PDF Format
  • गुणसागर सत्यार्थी की रायप्रवीण फरवरी अंक की उपलब्धि है। ( पत्र  )
  • By : पत्र     View in Text Format    |     PDF Format
  • ललित जी किसी भी विषय पर लिखें, उसमें उनका अध्ययन बोलता है।  ( पत्र  )
  • By : हितेश व्यास     View in Text Format    |     PDF Format