Monthly Magzine
Tuesday 21 Nov 2017

अक्षर पर्व February   2016 (अकं 197)  की रचनायें

  • अनुभव की सच्चाई को जीवन्त करती रचनाएं ( समीक्षा  )
  • By : परमानंद \'अश्रुज\'     View in Text Format    |     PDF Format
  • मेहनत और जय ( लघु कथा  )
  • By : - अंकुश्री     View in Text Format    |     PDF Format
  • क्या पता फिर मिलें, न मिलें ( स्मरण  )
  • By : वंदना अवस्थी दुबे     View in Text Format    |     PDF Format
  • सिक्का बदल गया ( पुन:पाठ  )
  • By : कृष्णा सोबती     View in Text Format    |     PDF Format
  • सिक्का बदल गया : रब्ब तुम्हें सलामत रक्खे ( पुन:पाठ  )
  • By : पल्लव     View in Text Format    |     PDF Format
  • वक्त से आगे कृष्णा सोबती ( उपसंहार  )
  • By : सर्वमित्रा सुरजन     View in Text Format    |     PDF Format
  • आलोचनाकर्म अंक अक्तूबर 2015 ( पत्र  )
  • By : हरदर्शन सहगल,     View in Text Format    |     PDF Format
  • बहुत समय से मेरी यह तमन्ना थी की कोई तो मेरी इस बात से इत्तेफाक करे कि हिन्दी-उर्दू के नाम पर गज़़ल को न घसीटा जाय वो अब आपका सम्पादकीय पढ़कर पूरी हुई। ( पत्र  )
  • By : के पी सक्सेना दूसरे     View in Text Format    |     PDF Format
  • अक्षर पर्व कहानी विशेषांक के दोनों अंक संग्रहणीय हैं। पहला अंक तो बहुत ही जानदार है। भीष्म साहनी की वीरो ने बंटवारे के दर्द का यादगार अक्स एक बार फिर चस्पां कर दिया। कालावधि के यथार्थ का जीवन्त और सहज सम्प्रेषण।  ( पत्र  )
  • By : कामेश्वर पांडेय     View in Text Format    |     PDF Format
  • जनवरी अंक में ललित सुरजन जी की प्रस्तावना हमेशा की तरह ही बेहतरीन है ! हिन्दी कविता में गज़़ल विधा आज एक स्थापित और विशिष्ट विधा है ! ( पत्र  )
  • By : नवनीत कुमार झा, हरिहरपुर     View in Text Format    |     PDF Format