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Saturday 25 Nov 2017

अक्षर पर्व March   2016 (अकं 193)  की रचनायें

  • अक्षर पर्व का जून-2015 अंक रचना वार्षिकी जो भीष्म साहनी जन्मशती विशेषांक के रूप में प्रकाशित हुआ है आज ही उसका पाठ पूरा हुआ है। ( पत्र  )
  • By : हितेश व्यास     View in Text Format    |     PDF Format
  • अगस्त का अक्षरपर्व मिला। ललित सुरजन जी की प्रस्तावना एवं पुन: पाठ में परसाई जी की रचना भोलाराम का जीव पढ़कर अद्भुत आनंद मिला ( पत्र  )
  • By : अन्य     View in Text Format    |     PDF Format
  • अक्षर पर्व के अगस्त 2015 अंक में भीष्मजी पर श्याम कश्यप जी का संस्मरण सचमुच प्रगतिशील लेखक संघ के स्वर्णयुग का स्मरण है।  ( पत्र  )
  • By : अन्य     View in Text Format    |     PDF Format
  • \'अक्षर पर्व\' में कई बात हैं, जो किसी अन्य पत्रिका में नहीं हंै। सम्पादकीय नहीं है पर सम्पादकीय से ऊँची बात है प्रस्तावना। ( पत्र  )
  • By : अन्य     View in Text Format    |     PDF Format
  • जुलाई-15 का अक्षर पर्व मिला। सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित किया \'नागार्जुन का कविता कर्म चर्चा में योगदानÓ ने। अजित कुमार ने नागार्जुन की कविता का मूलपाठ देकर अच्छा किया ( पत्र  )
  • By : चन्द्रसेन विराट     View in Text Format    |     PDF Format
  • भीष्म साहनी अंक सराहनीय अंक है। इसे संभालकर रखूंगा। बहुत उपयोगी सामग्री है। ( पत्र  )
  • By : विनोद शाही     View in Text Format    |     PDF Format
  • अगस्त अंक के कलात्मक आवरण पृष्ठ पर गायों का हर्षित समुदाय नीर भरे मेघों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करता सा लग रहा है। ( पत्र  )
  • By : अन्य     View in Text Format    |     PDF Format
  • अक्षर पर्व अगस्त-2015 अंक देखकर महान शास्त्रीय गायक भीमसेन जोशी के गाए हुए गीत की पंक्ति- \'\'मिले सुर मेरा तुम्हारा फिर सुर बने हमाराÓÓ याद आ गई, जो राष्ट्रीय एकता हेतु भारत सरकार द्वारा बनाए एक विज्ञापन में थी। ( पत्र  )
  • By : कुशेश्वर     View in Text Format    |     PDF Format