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Tuesday 21 Nov 2017

अक्षर पर्व August   2015 (अकं 191)  की रचनायें

  • समय की विश्वसनीय पुकार ( समीक्षा  )
  • By : संजय कृष्ण     View in Text Format    |     PDF Format
  • भोलाराम का जीव ( पुन:पाठ  )
  • By : हरिशंकर परसाई     View in Text Format    |     PDF Format
  • भोलाराम का जीव : राष्ट्र निर्माण का जिम्मा ( पुन:पाठ  )
  • By : पल्लव     View in Text Format    |     PDF Format
  • सेल्फी वाला समाज ( उपसंहार  )
  • By : सर्वमित्रा सुरजन     View in Text Format    |     PDF Format
  • विगत 23 मई को प्रसिद्ध छायाकार, चित्रकार, पत्रकार एवं साहित्यकार नवल जायसवाल की पुस्तक ‘अवदान’ का विमोचन किया गया।  ( समाचार   )
  • By : अन्य     View in Text Format    |     PDF Format
  • अक्षर पर्व अप्रैल अंक पढक़र खुशी हुई। ग्रिगोरी खोजर की कहानी का अनुवाद बहुत सुन्दर है। कहानी बड़ी जीवंत है। ऐसा खाका खींचा मानो सब सामने घटित हो रहा है। ( पत्र  )
  • By : अन्य     View in Text Format    |     PDF Format
  • भीष्म साहनी विशेषांक के लिए बधाई स्वीकार करें। बहुत दिनों बाद किसी पत्रिका का इतना अच्छा अंक मिला। ( पत्र  )
  • By : अन्य     View in Text Format    |     PDF Format
  • अक्षर पर्व मई-15 अंक मिला। हर अंक में कुछ न कुछ विशेष, रोचक, पठनीय मिलता है। इसलिए अक्षर पर्व मेरी प्रिय पत्रिका है। इस बार के सम्पादकीय में आपने साहित्यिक यात्रा का रोचक विवरण दिया है।  ( पत्र  )
  • By : अन्य     View in Text Format    |     PDF Format
  • ‘अक्षर पर्व’ का अप्रैल-15 अंक देखने को मिला। प्रस्तावना में ललित सुरजन का लेख पढक़र विषय पर नए तरीके से सोचने की दृष्टि मिली। यह लेख बहुत सामयिक तथा एक स्वस्थ बहस को जन्म देने वाला है।  ( पत्र  )
  • By : अन्य     View in Text Format    |     PDF Format
  • अक्षरपर्व मई की प्रस्तावना में ललितजी ने इंदौर, उज्जैन यात्रा का संक्षिप्त विवरण दिया है। ( पत्र  )
  • By : अन्य     View in Text Format    |     PDF Format