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Saturday 18 Nov 2017

अक्षर पर्व April   2015 (अकं 187)  की रचनायें

  • अक्षर पर्व मिला। द्विवेदीजी पर आपका शोध-लेख अत्यंत आकर्षक है। ( पत्र  )
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  • अक्षर पर्व को मैं अक्षरों की ईद कहूं या दीवाली या कहूं आवाज है समाज के आखिरी व्यक्ति की जो सिसकियां भर रही है  ( पत्र  )
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  • अक्षरपर्व जब से नए कलेवर में छपने लगा है, कहानियां, आलेख एवं अन्य स्तंभ बड़ी सतर्कता से देखे जा रहे हैं, ऐसा लग रहा है। ( पत्र  )
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  • अक्षर पïर्व के फरवरी अंक का आवरण चित्र बड़ा ही मनोहारी है। कलाकार सुनीता वर्मा बधाई की पात्र हैं। प्रस्तुत अंक की सभी कहानियां पठनीय व रोचक लगीं।  ( पत्र  )
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  • अक्षर पर्व का दिसम्बर 14 का अंक पढ़ा। गज़़लों के तहत अशोक अंजुम की गज़़लें पढ़कर सुकून मिला। ( पत्र  )
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  • अक्षर पर्व का जनवरी अंक काफी अच्छा निकला है। ललितजी की प्रस्तावना पढ़कर सुखद आश्चर्य हुआ कि उन्होंने मलयजी की कविताओं और उनके कवि-व्यक्तित्व पर अच्छा लिखा है।  ( पत्र  )
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  • अक्षर पर्व का नियमित पाठक हंू। अच्छी निकल रही है पत्रिका। ( पत्र  )
  • By : ललित सुरजन     View in Text Format    |     PDF Format
  • अक्षरपर्व के जनवरी अंक में प्रेमशंकर रघुवंशी और श्यामसुंदर दुबे की कविताएं अच्छी लगीं। ( पत्र  )
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