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Monday 20 Nov 2017

पत्र

  • फरवरी अंक में चंद्रकिशोर जायसवाल का साक्षात्कार पर्याप्त विस्तृत है, तथापि पढ़े बिना नहींछोड़ा गया।
  • May  2015   ( अंक188 )
    By : अन्य     View in Text Format    |     PDF Format
  • फरवरी 2015 की प्रस्तावना में सुरेन्द्र तिवारी की अद्भुत पुस्तक ‘विश्व के बीहड़ वन प्रान्तरों के लोमहर्षक प्रसंग’ की आपने तलस्पर्शी समीक्षा लिखी है।
  • May  2015   ( अंक188 )
    By : अन्य     View in Text Format    |     PDF Format
  • एक संपादक के रूप में समाचार से लेकर साहित्य, सिनेमा, समाज चिंतन से आपका मजबूत और रचनात्मक रिश्ता समझा जा सकता है
  • May  2015   ( अंक188 )
    By : अन्य     View in Text Format    |     PDF Format
  • जनवरी-15 का ‘अक्षर पर्व’। नंद चतुर्वेदी का बुद्धिजीवियों संबंधी लेख इस अंक की उल्लेखनीय उपलब्धि है।
  • May  2015   ( अंक188 )
    By : अन्य     View in Text Format    |     PDF Format
  • अक्षरपर्व अप्रैल अंक अपनी अभिनव सामग्री से सुसज्ज व सुसमृद्ध है।
  • June  2015   ( अंक189 )
    By : ललित सुरजन     View in Text Format    |     PDF Format
  • अक्षर पर्व का फरवरी अंक अच्छा लगा। इसमें प्रकाशित जाफर मेहदी, राकेश भारतीय और इंद्रप्रकाश कानूनगो की कहानियां,
  • June  2015   ( अंक189 )
    By : अन्य     View in Text Format    |     PDF Format
  • देखते-देखते ‘अक्षर पर्व’ ने उन्नीसवें वर्ष में प्रवेश कर लिया है। बीस वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक भव्य आयोजन रायपुर में जरूर करेंगे।
  • June  2015   ( अंक189 )
    By : अन्य     View in Text Format    |     PDF Format
  • \'अक्षर पर्वÓ बराबर पढ़ती हूं। जिनमें संपादकीय एवं आपका स्तंभ \'उपसंहारÓ मनोयोग से। वैचारिक स्फुरण का विस्तार होता है।
  • July  2015   ( अंक190 )
    By : मंजुला उपाध्याय \'मंजुल\'     View in Text Format    |     PDF Format
  • इतनी प्रचण्ड गर्मी मन और तन दोनों व्याकुल और इसी व्याकुलता के कारण जब मौसम का मिजाज कुछ नरम पड़ गया है
  • July  2015   ( अंक190 )
    By : नवनीत कुमार झा     View in Text Format    |     PDF Format
  • अप्रैल अंक में अनुपम मिश्र का लेख, प्रस्तावना और उपसंहार तो सामयिक हैं ही, साथ ही स्व.कृष्णदत्त पालीवाल पर रेशमी पांडा मुखर्जी का आलेख भी जरूरी लगा।
  • July  2015   ( अंक190 )
    By : रामनिहाल गुंजन     View in Text Format    |     PDF Format