Monthly Magzine
Saturday 18 Nov 2017

पत्र की रचनायें

  • अप्रैल अंक आद्यान्त पढ़ा। प्रस्तावना बेहद पसंद आई। फिल्मों पर ललित सुरजन के विचारों से अभिभूत हुए बिना नहीं रहा जा सकता।
  • July  2016   ( अंक202 )
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  • मई 2016 का अक्षर पर्व मिला। हमेशा की तरह मैं प्रस्तावना से पढऩा शुरू करता हूं, क्योंकि उसमें कुछ खास होता है ऐसा जो सोच को जगा देता है।
  • July  2016   ( अंक202 )
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  • नौकरी के क्रम में लंबे समय तक बाहर रहा, लौटा तो अक्षरपर्व के कई अंक एक साथ मिले।
  • July  2016   ( अंक202 )
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  • गुणसागर सत्यार्थी की रायप्रवीण फरवरी अंक की उपलब्धि है।
  • July  2016   ( अंक202 )
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  • जनवरी 16 के अंक की प्रस्तावना में ललित जी ने अलाव पत्रिका के समकालीन गज़़ल विशेषांक के बहाने गज़़ल के कल और आज का एक सुविचारित लेखा-जोखा प्रस्तुत किया है।
  • July  2016   ( अंक202 )
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  • पत्र
  • September  2017   ( अंक216 )
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  • पत्र
  • September  2017   ( अंक216 )
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  • पत्र
  • September  2017   ( अंक216 )
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  • पत्र
  • September  2017   ( अंक216 )
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  • पत्र
  • November  2017   ( अंक218 )
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