Monthly Magzine
Tuesday 21 Nov 2017

रामनिहाल गुंजन की रचनायें

  • अप्रैल अंक में अनुपम मिश्र का लेख, प्रस्तावना और उपसंहार तो सामयिक हैं ही, साथ ही स्व.कृष्णदत्त पालीवाल पर रेशमी पांडा मुखर्जी का आलेख भी जरूरी लगा।
  • July  2015   ( अंक190 )
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  • अक्षरपर्व निरंतर स्तरीय रचनाओं के साथ निकल रहा है, यह देखकर प्रसन्नता होती है। सितम्बर अंक में ललितजी ने प्रस्तावना के बहाने कवि भगवत रावत को याद किया, यह देखकर अच्छा लगा।
  • November  2015   ( अंक194 )
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  • अक्षरपर्व निरंतर स्तरीय रचनाओं के साथ निकल रहा है, यह देखकर प्रसन्नता होती है। सितम्बर अंक में ललितजी ने प्रस्तावना के बहाने कवि भगवत रावत को याद किया, यह देखकर अच्छा लगा।
  • November  2015   ( अंक194 )
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  • अक्षरपर्व फरवरी अंक कई अंकों में विशिष्ट लगा। ललित सुरजन जी की प्रस्तावना और श्याम सुंदर दास की हिंदी शब्द सागर के प्रथम संस्करण की भूमिका अच्छी लगी।
  • June  2016   ( अंक201 )
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  • उत्सव अंक को यात्रा संस्मरण के रूप में प्रकाशित करने के पीछे आपका जो भी अभिप्राय हो, उससे पाठकों की सहमति होना स्वाभाविक है।
  • February  2017   ( अंक209 )
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  • उत्सव अंक को यात्रा संस्मरण के रूप में प्रकाशित करने के पीछे आपका जो भी अभिप्राय हो,
  • February  2017   ( अंक209 )
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