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Monday 20 Nov 2017

ललित सुरजन की रचनायें

  • मेरी उम्र के पाठकों को शायद याद हो कि एक दौर में हम आकाशवाणी से समाचार सुना करते थे। समाचार बुलेटिन का आरंभ इस तरह से होता था- \'\'अब आप देवकीनंदन पांडेय
  • January  2016   ( अंक196 )
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  • महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा अपने स्थापना काल से लगातार गलत कारणों से अखबारों में सुर्खियां बटोरता रहा है।
  • February  2016   ( अंक197 )
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  • दूसरे दिन जब चन्दर डॉ. शुक्ला के यहां निबंध की प्रतिलिपि लेकर पहुंचा तो आठ बज चुके थे। सात बजे तो चंदर की नींद ही खुली थी और जल्दी से वह नहा-धोकर साइकिल दौड़ता हुआ भागा था कि कहीं भाषण की प्रतिलिपि पहुंचने में देर न हो जाये।....
  • March  2016   ( अंक198 )
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  • रचनावार्षिकी के लिए प्रश्नावली
  • March  2016   ( अंक198 )
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  • मेरा सिनेमाघर में जाकर फिल्म देखना लगभग बंद हो गया है। छठे-छमाहे किसी ने तारीफ कर दी तो उस फिल्म को देखने का मन बन जाता है वरना टीवी पर आधी अधूरी फिल्में देखकर संतोष कर लेता हूं।
  • April  2016   ( अंक199 )
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  • मैं महेन्द्र राजा जैन का आभारी हूं कि उन्होंने प्रस्तावना पर इतने विस्तारपूर्वक टिप्पणी की। इस संबंध में मेरा निवेदन निम्नानुसार है-
  • April  2016   ( अंक199 )
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  • हमें अक्सर यह सुनने मिलता है कि हिन्दी में कविता, कहानी, उपन्यास के अलावा और कुछ लिखा ही नहीं जाता। इस शिकायत में दम तो है, लेकिन बात पूरी तरह सच नहीं है।
  • May  2016   ( अंक200 )
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  • कला जगत और वास्तविक दुनिया की भीषण मुठभेड़-नटसम्राट
  • May  2016   ( अंक200 )
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  • अक्षर पर्व की इस रचनावार्षिकी में धर्म को केन्द्र में रखकर कट्टरता, आतंकवाद, असहिष्णुता, वैचारिक स्वतंत्रता और बुद्धिजीवियों की भूमिका इत्यादि बिन्दुओं पर चर्चा करने का उपक्रम किया गया है
  • June  2016   ( अंक201 )
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  • खुद पर निगरानी का वक्त चंद्रकांत देवताले का नया कविता संग्रह है जो अब एक साल पुराना हो चुका है।
  • July  2016   ( अंक202 )
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