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Friday 17 Aug 2018

ललित सुरजन की रचनायें

  • सारे अतिथि आ चुके हैं। जलपान के साथ स्वागत हो गया है। अब सभास्थल की ओर चलना है। लाउडस्पीकर से लगातार घोषणा हो रही है कि कार्यक्रम प्रारंभ होने ही वाला है। स्वागत गृह से सभास्थल दूर नहीं है, बस यही कोई दो-ढाई सौ मीटर या एक फर्लांग।
  • July  2015   ( अंक190 )
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  • स्वातंत्र्योत्तर हिन्दी कविता : दशा और दिशा। जैसा कि शीर्षक से जाहिर है, यह विशद विवेचन का विषय है, जिसे एक व्याख्यान या आलेख में साधना लगभग असंभव है। यदि विषय के साथ न्याय करना है तो इस हेतु एक सुचिंतित, सुदीर्घ ग्रंथ लिखने की आवश्यकता होगी।
  • August  2015   ( अंक191 )
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  • एक दरिया में बहता पानी है, जि़ंदगी की यही कहानी है
  • August  2015   ( अंक191 )
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  • भगवत रावत कविता नहीं लिखते। वे बातचीत करते हैं। वे सुनने या पढऩे वाले को आतंकित नहीं करते, बल्कि साथ लेकर चलते हैं। भगवत जैसे सहज सरल व्यक्तित्व के धनी थे, वैसे ही वे अपनी कविताओं से सामने आते हैं। उन्हें हमारे बीच से गए लगभग दो साल होने आए, लेकिन उनकी कविताएं एक सच्चे और बहुत प्यारे दोस्त की तरह हमारे साथ चल रही हैं।
  • September  2015   ( अंक192 )
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  • जिन्दगी
  • September  2015   ( अंक192 )
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  • वर्तमान समय पर चर्चा करना हो तो पहला प्रश्न यही उठता है कि इसका आरंभ कहां से माना जाए और उसका आधार क्या हो। इसके लिए उन परिवर्तनों को चिन्हित करने की आवश्यकता होगी जो वर्तमान और पूर्ववर्ती समय के बीच एक स्पष्ट विभाजक रेखा खींचते हैं।
  • October  2015   ( अंक193 )
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  • वर्तमान समय पर चर्चा करना हो तो पहला प्रश्न यही उठता है कि इसका आरंभ कहां से माना जाए और उसका आधार क्या हो। इसके लिए उन परिवर्तनों को चिन्हित करने की आवश्यकता होगी जो वर्तमान और पूर्ववर्ती समय के बीच एक स्पष्ट विभाजक रेखा खींचते हैं।
  • March  2016   ( अंक193 )
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  • इस साल \'उसने कहा थाÓ का प्रकाशन हुए पूरे सौ साल बीत चुके हैं। यह वर्ष भीष्म साहनी की जन्मशती का भी है।
  • November  2015   ( अंक194 )
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  • इस साल \'उसने कहा थाÓ का प्रकाशन हुए पूरे सौ साल बीत चुके हैं। यह वर्ष भीष्म साहनी की जन्मशती का भी है।
  • November  2015   ( अंक194 )
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  • November  2015   ( अंक194 )
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