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Sunday 19 Nov 2017

ललित सुरजन की रचनायें

  • कवि मलय के नए संकलन \'\'असंभव की आंच\'\' की एक कविता \'\'रात में दूना\'\' की ये अंतिम पंक्तियां हैं।
  • January  2015   ( अंक184 )
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  • मेरे सामने एक नई पुस्तक है, आकर्षक मुखपृष्ठ, चिकने पन्ने, उम्दा छपाई, रंगीन तस्वीरें, लालित्यपूर्ण भाषा और विषय भी एकदम नया। ऐसा विषय जिस पर अमूमन हिन्दी में किताबें नहीं लिखी जातीं। लेखक हिंदी जगत के लिए लगभग अपरिचित व्यक्ति हैं- शिक्षा से चिकित्सक, पेशा डॉक्टरी छोड़कर अखबार प्रबंधन, रुचि से प्रकृति प्रेमी और कवि तो नहीं, किन्तु अवश्य ही कवि-हृदय।
  • February  2015   ( अंक185 )
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  • प्रस्तावना :भारत में वरिष्ठ नागरिकों या यूं कहें वृद्धजनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एक समय था जब साठ वर्ष आयु के व्यक्ति को वृद्ध ही माना जाता था। इधर यह स्थिति बदल गई है, यद्यपि सेवानिवृत्ति की आयु औसतन साठ वर्ष की ही है। रेल किराया, आयकर, बीमा आदि में भी साठ वर्ष को एक तरह से वृद्ध हो जाने का कानूनी दर्जा दिया जाता है। फिर आज के सामाजिक वातावरण में इस आयु समूह के लोग वरिष्ठ नागरिक ही कहलाया जाना पसंद करते हैं। वे वृद्धता का बोझ अपने ऊपर नहीं लादना चाहते और यह बड़ी हद तक उचित भी है।
  • March  2015   ( अंक186 )
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  • अक्षरपर्व के नवंबर, दिसम्बर 14 व जनवरी 2015 अंक अद्भुत रहे। मनोयोग से पढ़ता रहा। उत्सव अंक सचमुच साहित्यिक उत्सव का भान कराता है।
  • March  2015   ( अंक186 )
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  • विश्व में सर्जनात्मक विधाओं या कलारूपों का इतिहास जितना पुराना है, सेंसरशिप की अवधारणा भी शायद उतनी ही पुरानी है। जैसा कि हम जानते हैं प्लेटो ने \'द रिपब्लिकÓ में महाकवि होमर के ग्रंथों पर प्रतिबंध लगाने की वकालत की थी। उनके अनुसार इन कृतियों को पढ़कर एथेंस की युवा पीढ़ी दिग्भ्रमित हो सकती थी।
  • April  2015   ( अंक187 )
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  • अक्षर पर्व का नियमित पाठक हंू। अच्छी निकल रही है पत्रिका।
  • April  2015   ( अंक187 )
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  • उज्जैन, अवंतिका या उज्जयिनी। महाकाल, कालिदास, भर्तृहरि और चार कुंभों में से एक सिंहस्थ कुंभ की नगरी। जनमान्यता है कि यह विक्रमादित्य की राजधानी भी थी। इसलिए वेताल की नगरी भी! जाहिर है कि देश के प्राचीनतम नगरों में से एक उज्जैन में आकर्षण बहुत है। महाकालेश्वर की गणना बारह ज्योतिर्लिंगों में की जाती है।
  • May  2015   ( अंक188 )
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  • भीष्म साहनी की रचनाएं
  • June  2015   ( अंक189 )
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  • सफर में धूप तो होगी ( भीष्म साहनी की कहानी ‘सलमा आपा’ के नाम)
  • June  2015   ( अंक189 )
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  • अक्षरपर्व अप्रैल अंक अपनी अभिनव सामग्री से सुसज्ज व सुसमृद्ध है।
  • June  2015   ( अंक189 )
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