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Sunday 19 May 2019

बस पहुंच रहा हूं

वह तेज गति से उड़ा जा रहा है। गाड़ी हवा से बातें कर रही हैं और वह हवा पर ही सवार है। उसके पास समय के अलावा सब कुछ है नहीं है तो समय।

वह कल तक बातूनी प्रसाद कहलाता था अब वह हर समय बातें ही कर रहा होता है। करने के लिए कोई खास काम नहीं है फिर भी वह कतई फुरसत में नहीं है। उसके पास कोई दर्जनभर बड़ी कंपनियों के मोबाइल है जिनके माध्यम से वह संपर्क साधे रहता है।

यह विशेष शख्स है जो न बात बंद करता है न ही गाड़ी की रफ्तार कम करता है। हर वक्त किसी न किसी से बातें करते हुए या गाड़ी पर दौड़ते हुए पाते हैं, उसके पास लेटेस्ट गाड़ी और एकदम नया लांच हुआ मोाबाइल होता है।

उससे पलभर भी नहीं मिला जा सकता है क्योंकि वह कभी भी खाली नहीं रहता है कि वह बिना बात किये चुपचाप बैठा हो। जब वह बिस्तर पर होता है तब भी हर आधा घंटे में अलग-अलग तरह की ट्यून यह सूचना देती रहती है कि इस समय कितना बजा है। यानी कितनी रात बाकी है।

 वह उससे अलग कभी नहीं होता है, नींद में भी नहीं। खाने की तो क्या? नहाने और हंगने-मूतने के लिए भी उसके बिना नहीं जा सकता। वह अति व्यस्त है, समय कम है काम अधिक है। उसे आसामन से तारे और पाताल से पानी निकाल कर लाना है।

 समय की इतनी कमी देश के प्रधानमंत्री को भी नहीं होगी जितनी उसे हैं। उसकी व्यस्तता को व्यक्त करने के लिए नयी शब्दावली गढऩी होगी। भाषाशास्त्रियों के  लिए बहुत बड़ी चुनौती है कि क्या शब्द दें? वह व्यस्ततम है, समय का मारा है सो कभी वह व्यस्त और कभी पस्त नजर आता है।

उसे न चुनाव लडऩा है न लड़वाना है वह किससे, क्या और कैसी बात करता है? कुछ नहीं कहा जा सकता। पिता और मां को याद नहीं पड़ता कि उन्हें कब उसने इन नामों से संबोधित किया है। उसकी तरफ से एक ही षब्द आता है-बस पहुंच रहा हूं। अधिक पूछने पर कहेगा-बस थोड़ी देर और।Ó

गाड़ी को किक मारी नहीं कि वह तत्क्षण मोबाइल पर होता है। इस खास मुद्रा में बने रहने से उसकी भंगिमा त्रिभंगी हो चली है। कई बार गर्दन और कान के बीच फंसा हुआ कई किलोमीटर, कई मोड़, कई ओवर टेक कर चुका होता हैं। जब वह पास से गुजरता है तब लोग उसकी तरफ  देखते ही रह जाते हैं। थोड़ा सा भी ढीले रहे तो बाल बाल बचते हैं, कई बार लोग संभलते-संभलते रह पाते हैं। वह बचते-बचाते हवा की तरह निकल जाता हैं। वह दुर्घटना से बच जाने के बाद चौंकना तो दूर, गर्दन सीधी तक नहीं करता, बात बंद नहीं करता।

यमराज भी आ जाए तब भी वह गाड़ी की रफ्तार कम नहीं करता, कान से मोबाइल जुदा नहीं करता। कई युवा उसे देख-देख कर कपड़े, गाड़ी और मोबाइल खरीदते हैं पर दूसरे ही दिन उसके हाथ में वह नहीं दूसरा मॉडल होता है, उसने हर बार के लिए अलग रख छोड़ा है। कोई उसकी नकल करे तो कैसे?

क्या बातें करता है वह? क्या विषय रहता है उसका? यह शोध का विषय है कि आखिर इतनी देर तक कैसे बातें कर लेता है? विषय तो होता होगा? कई उसे देखकर अनुमान लगाते ही रह जाते हैं।

मोबाइल अगर न हो तो क्या हो? उसकी जिंदगी नरक हो जायेगी। वह बिना बात किये नहीं रह सकता है।   

अब वह बातों से ही कमाने लगा है। यू ट्यूब पर उसकी वीडियो को लाखों लाइक मिल चुके हैं। उसके अपने हजारों फालोअर्स फेसबुक पर है। वह हर समय हजारों से जुड़ा रहता है। आभासी दुनिया का राजकुमार है। दुनिया उसकी मु_ी में है। वह किसी भी पल को यूं ही नहीं गंवाना चाहता। वह हर पल को भरपूर जी लेना चाहता है। निचोड़ लेना चाहता है चांद तारों को और निकाल लेना चाहता है जीवन रस, खुशी, सुख। वह दिनों महीनों वर्षों की बात नहीं करता। वह घंटों, मिनटों और सैकिण्डों में जीता है। वह हर पल को जीना चाहता है। वह इक्कीसवीं सदी का राजकुमार है।