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Tuesday 17 Oct 2017

तनहा

इन  बेजमीर लोगों के किरदार मत लिखो

बेदर्द शासकों को यूं अवतार मत लिखो।

 

मारे गये सभी लोग, बस ऐतबार कर

आईन देश का क्यों गया हार मत लिखो।

 

सच झूठ, झूठ सच, आज सब लोग जानते

झूठे बयान देती ये सरकार मत लिखो।

 

मत पूछना हुआ क्या वो वादा बहार का

उनके फरेब की बात सौ बार मत लिखो।

 

संतान शासकों की, खुली छूट है मिली

उनके गुनाह सब माफ, बदकार मत लिखो।

 

उनसे सवाल क्या और उनके जवाब क्या

कब कौन कर रहा क्या व्यापार मत लिखो।

 

सब चोर कह रहे, बन गये हम शरीफ हैं

तनहा इसे किसी का इश्तिहार मत लिखो।