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Tuesday 21 Nov 2017

पहुंचना जीव का बिना आधार कार्ड के यमलोक...

चित्रगुप्त ने यमदूत से कहा अरे, ये तुम किसे ले आए?

यमदूत- चित्रगुप्त जी, इस प्राणी का समय पूरा हो गया था इसलिए ले आया...।

चित्रगुप्त- तुम किस युग के नियमों के अनुसार अपना काम कर रहे हो। नये-नये कानून बन रहे हैं- पढ़ते नहीं लगता है। यमदूतों को लेटेस्ट कानून की जानकारी होती रहे, इसलिए रिफ्रेशर कोर्स चलाना पड़ेगा, ऐसा लग रहा है।

यमदूत- क्या गलती हो गई चित्रगुप्त जी...। मैंने तो घड़ी-पल-समय सब देखा फिर लेकर आया। इसका समय मृत्युलोक में पूरा हो गया था।

चित्रगुप्त- कहा न, केवल भौतिक रूप से मरने से ही काम नहीं चलता अब। यहां लाने के लिए जरूरी कागजात होना...। यह नया कायदा बनाया गया है।

यमदूत- कागजात? कैसा कागजात चित्रगुप्त जी। आपसे तो आदेश की कापी लेकर गया था।

चित्रगुप्त- अब यमलोक के आदेश से ही काम नहीं चलता... यहां आने के लिए भारत सरकार का आधार कार्ड भी चाहिए। तुम बिना आधार कार्ड इसे यहां नहीं रख सकते।

यमदूत- तो वापस भेज आऊं...?

चित्रगुप्त- क्या बेहूदी बात कर रहे हो-एक बार यहां आने के बाद दोबारा धरती पर नहीं भेजा जा सकता। इधर सिंगल ट्रेक है। पता है न?

यमदूत- तो...?

यमराज- देखो कुछ करते हैं। यमराज कुछ देर सोचते रहे फिर उन्होंने जीव से पूछा।

-हे जीव। तुम्हारा आधार कार्ड बना था। बनवाया था तुमने?

जीव ने कहा- नहीं।

चित्रगुप्त- क्यों नहीं बनवाया?

जीव- मेरी उम्र 95 वर्ष की हो गई...। ऊंगलियों के निशान मिट गए...। आधार कार्ड बनाने वाले ने खूब कोशिश की। लेकिन इंप्रेशन नहीं आता रहा तो उसने कहा- आपका आधार कार्ड नहीं बन सकता।

चित्रगुप्त ने कहा- वाह, उसने अपनी बला हमारे सर डाल दी। तुमको पता है न कि तुम्हारी सरकार ने नियम बनाया है कि मृत्यु पर भी आधार चाहिए। तुम बिना आधार कार्ड आ गए। एक तो आधार कार्ड बिना तुम मरे कैसे? दूसरी गलती इस यमदूत ने की कि तुम्हारा आधार कार्ड बिना तुम्हें यहां ले आया। इसे नया नियम पता नहीं था। लेकिन इसकी इसे सजा तो मिलेगी। हो सकता है एक दिन का वेतन काटा जाए।

जीव- तो अब...?

चित्रगुप्त-अब क्या? तुम्हें वापस धरती पर भेज भी नहीं सकते।

जीव- तो कहीं और...।

यमदूत- तुम्हें अंतरिक्ष में भी नहीं भेज सकते। तुम्हारे देश में तो संविधान में समवर्ती सूची है। मतलब कुछ काम केन्द्र सरकार के जिम्मे। कुछ काम राज्य सरकार के जिम्मे। कुछ काम दोनों सरकारों के जिम्मे इसे समवर्ती सूची कहते हैं।  यमलोक में ऐसा संविधान नहीं है। यहां या तो नरक या सरग...। तीसरी कोई  सूची नहीं।

जीव- तो मुझे कुछ दिन स्वर्ग में, कुछ दिन नरक में रहने की व्यवस्था कर दीजिए...।

चित्रगुप्त- अरे यहां तुम्हारा प्रवेश ही गैरकानूनी हुआ है जैसे बिना पासपोर्ट किसी देश में घुस जाना।

जीव- तो पासपोर्ट बना दीजिए।

चित्रगुप्त- आधार कार्ड ही यहां का पासपोर्ट है। अब यमराज से पूछना होगा कि तुम्हारे केस का क्या किया जाए।

जीव- आप भी समवर्ती सूची वाला संविधान बना लीजिए न, यमराज से कहिए।

चित्रगुप्त- हमारा संविधान एक बार बन चुका...।

चित्रगुप्त पहुंचे यमराज के आफिस में। यमराज उस समय भारत की मृत्युदर पर गौर फरमा रहे थे। चित्रगुप्त को आया देख बोले- ठीक समय पर आए चित्रगुप्त। भारत में औसत आयु बढ़ी है। मृत्युदर कम हो रही है। उधर भारत के संसद में सरकार कह रही है कि 70 साल में कुछ नहीं हुआ- हे चित्रगुप्त क्या औसत उम्र इन तीन सालों में बढ़ी...।

चित्रगुप्त ने कहा- महोदय, ये हिसाब-किताब बाद में। अभी तो एक उलझन भरा मामला आया है। उसे सुलझाइए।

यमराज- क्या?

चित्रगुप्त ने बताया कि आधार कार्ड बिना एक आदमी मर गया। यमदूत उस जीव को यहां ले आए। अब उसे कहां रखना है। यह समस्या है।

यमराज- यमदूतों को भारत सरकार के इस नये नियम की जानकारी नहीं हो गई थी क्या...?

चित्रगुप्त चुप रहे आए।

यमराज- ये क्या हो रहा है यमलोक में...? रेगुलर क्लासेस नहीं लग रही हैं क्या... कहां हैं क्लास लेने वाले...?

चित्रगुप्त ने कहा- महोदय, यह बाद में देख लीजिएगा। अभी तो यह मामला तय करिए। कोई उपाय निकालिए...।

यमराज- एक प्रतिनिधि मंडल भारत सरकार के पास भेजो। उसे अपनी कठिनाई बताओ।

चित्रगुप्त- महोदय, ये तो लम्बी प्रक्रिया है। प्रतिनिधि मंडल आना चाहता है, ऐसा पत्र लिखना होगा पहले। वहां से उत्तर आएगा। फिर प्रतिनिधि मंडल में  कौन-कौन हों यह तय करना होगा। भारत सरकार जो डेट दे, उसी में जाना होगा...। अभी तत्काल क्या किया जाए।

यमराज- उनके यहां मृत्यु डिपार्टमेंट का कौन है प्रमुख...।

चित्रगुप्त- अरे महोदय क्या लफड़ा ले बैठे। मृत्युलोक में जो ताकतवर होता है वही मृत्युलोक का प्रमुख हो जाता है...इसे छोडि़ए।

यमराज- वहां भी तो इस पर कुछ हो रहा होगा।

चित्रगुप्त- क्या हो रहा है? सुप्रीम कोर्ट जो कहता है वह माना नहीं जाता। जो लागू किया जाता है उसे सुप्रीम कोर्ट रिजेक्ट कर दे रहा है।

यमदूत ने कहा- चित्रगुप्त जी यह समझाइए कि जब मृत्यु पर भी आधार कार्ड चाहिए, ऐसा कुछ नियम है तो इसकी मृत्यु हुई तो बिना आधार कार्ड डॉक्टर ने मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे दिया? इसे जलाने लकडिय़ां क्यों दी गईं। कफन और शवदाह की अन्य सामग्रियां कैसे खरीदी गईं। इनकी जांच हो।

चित्रगुप्त- अपन क्या करें महोदय?

यमदूत ने कहा- तुम मृत्यु लोक हो आओ, पूरा समझकर आओ, फिर यहां कुछ करेंगे। नया कानून बना देंगे।

चित्रगुप्त- महोदय, आप भी मुझे मृत्युलोक जाने कह रहे। वहां आधार कार्ड चाहिए होगा। और इन दिनों वहां जलवायु परिवर्तन पर घोर बहस चल रही है। महोदय वहां खूब गर्मी पड़ रही है... इस प्रकरण को पेंडिंग रखें।