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Monday 20 Nov 2017

इंद्रधनुष

इंद्रधनुष

 

जब जब

देखती हूं बादलों को बेमौसम मंडराते,

मेरे हिस्से के थोड़े से आसमान पर,...

 

समझ जाती हूं

सूरज का मन आज उखड़ा हुआ होगा,

वो गुस्से में तमतमाया होगा,...

 

हवाओं ने जाकर सागर को बताया होगा,

सागर मिला होगा जाकर किनारे पर धरती से,

की होगी कानाफूसी सूरज की गर्ममिज़ाजी पर,

 

सूरज की नजर पड़ी होगी उन दोनों पर

तो उढ़ेल दी होगी

उन पर अपनी तमतमाहट सारी,

 

खौला होगा

धरती के उस किनारे का गीला हिस्सा,

जो सागर से सूरज की बात कर रहा था,

 

उड़ी होगी वाष्प बनकर नमी वहां से,

और तैयार होगी सूरज के गुस्से की आग मे

जलकर भस्म हो जाने को,

 

तभी अचानक हवा को महसूस हुई गलती अपनी

कि गुस्से की ये आग मैंने ही फैलाई,...

उसने झट से वाष्प को आगोश मे लेकर शीतल किया,......

 

तब दोनों ने बादलों में तबदील होकर

सूरज के सामने घुटने टेक दिए,...

कहा लो पकड़े कान

हवा सागर और धरती खड़े हैं सामने तुम्हारे,...

 

छोड़ दो गुस्सा यारा

हम यार हंै तुम्हारे,...

सूरज का गुस्सा थोड़ा ठंडा हुआ

 

जानते हो अब सूरज और बादल मिलकर रोएंगे

और दूर क्षितिज पर धरती आकाश और सागर के किनारे

इस प्रेम मिलन का दृश्य अपना इंद्रधनुषी रंग प्रतिबिम्बित करेगा,....

 

ऐसे मौसम में निकल आती हूं घर की छत पर

देखने को प्रकृति का ये अद्भुत नजारा

और महसूस करती हूं अपनी ही आपबीती प्रकृति के साथ,....

 

क्योंकि

ऐसा ही इंद्रधनुष अकसर मेरे आंगन में भी बनता है

मेरे और मेरे अपनों की भावनाओं से रंगा

 

गुरुमंत्र

 

जब से

पिंजरों में कैद परिंदों को

खुश देखा है,..

समेट लेना चाहता है अपने पंख,..

जाने क्यूं

अब उडऩे की चाह नहीं,...

 

सुना है

कुछ परिंदों को

 

पिंजरों की इतनी आदत हो जाती है

कि खुला छोड़ देने पर भी

वो सिमट कर

अपने पिंजरे में ही रहना चाहता है,..

 

वो परिंदा

खुश होता है

अपनी उड़ान के बिना भी,.

क्यूंकि

सुरक्षित महसूस करता है

खुद को कैद में भी,..

 

क्यूंकि

उड़ान भरते ही

उसे सहना होता है

प्रदूषित वातावरण,.

शिकार होने का भय,.

पर कतर दिए जाने का डर,.

 

और

किसी जाल में फंसने का

अज्ञात भय

इन सबसे तो बेहतर है ना

किसी अपने की सर्व सुविधायुक्त

कैद में सुरक्षित रहना,..

 

सबकी नजर में गलत ही सही

पर शायद

ऐसे ही किसी परिंदे से

सीखा होगा

ये गुरुमन्त्र

मेरे मन के बावरे परिंदे ने