Monthly Magzine
Sunday 15 Jul 2018

चांद ने अंधकार में रक्खा

केशव शरण
2/564, सिकरौल,
वाराणसी-221002
मो. 09415295137
चांद ने अंधकार में रक्खा
रात-भर इंतजार में रक्खा

कह पड़ा एक दिन पुराना दिल
कुछ नहीं आज प्यार में रक्खा

आ गया है खिसक खिजाओं तक
जो समय था बहार में रक्खा

कामयाबी न देर तक ठहरी
दिल दबाकर करार में रक्खा

सामने सिर्फ एक सन्नाटा
दूर तक रहगुजार में रक्खा

कह रहा डर इलाज है उसका
इक चमकती कटार में रक्खा

111

बहुत लात-जूता घमासान  होगा
मगर बात से ही समाधान होगा

बचेगी न रोटी अभी देख लेना
बराबर न बिलकुल तुलामान होगा

करेगी परी रक्स इन्दर सभा में
जमेंगे फरिश्ते सुरापान होगा