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Friday 25 May 2018

ये क्या हुआ कि ख़्वाब ये ऐसा दिखा मुझे

सतपाल 'स्नेही
362, गली नं. 8, विवेकानंद नगर
बहादुरगढ़-124507 (हरियाणा)
मो. 9416535696
ये क्या हुआ कि ख़्वाब ये ऐसा दिखा मुझे
बचपन तलक जमीन पे बूढ़ा दिखा मुझे

कहने को अपना दर्द जहां तक भी मैं गया
हर कोई अपने आप में उलझा दिखा मुझे

कहना था जिसको बैठने वालों के हाथ से
हर शख़्स ऐसी डाल पे बैठा दिखा मुझे

जिसका था वायदा कि उतारेगा आ$फताब
वो शख़्स चांदनी में पिघलता दिखा मुझे

सच में बड़ा अजीब-सा लगता रहा शहर
जब भी यहां पे आदमी हंसता दिखा मुझे

मैंने जो तिलमिला के तोड़ डाला आइना
मेरा ही चेहरा फर्श पे बिखरा दिखा मुझे।