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Wednesday 22 Nov 2017

चिडिय़ा घर में शेर

मुस्तफा खान साहिल
 नारायण दास की बगिया ,
शिव नगर-घोसीपुरा , गली न एक,
पोस्ट - शब्द प्रताप,
ग्वालियर - 474012, म प्र .
मो- 7000102502
चिडिय़ा घर में शेर
(एक )
शेर
जंगल का
राजा है...
और
चिडिय़ा घर का..?
 कैदी...

(दो)
बच्चों को
शेर से
डराते हैं...!

चिडिय़ा घर में
बच्चे
शेर को डराते हैं..!

(तीन)
जंगल में
शेर के लिए
जिंदा शिकार है
चिडिय़ा घर में..
शेर के भोजन में
माँस
मुर्दार है...!

(चार)
चिडिय़ा घर में
शेर को देख
ख़ुश होते हैं लोग...
लोगों को
पता है
क्या होता है
शेर का हाल...!

(पांच)
शेर !
तुझे
चिडिय़ा घर में आकर

पता चला कि
राजा-महाराजाओं के दिन
अब लद गए...!
(छह)
किसी ने कहा -
उस चिडिय़ा घर की
शान है...
शेर !
किसकी शान है..?
शेर का अच्छा-भला
जंगल छुड़वाना...?

(सात)
चिडिय़ा घर में
कैद -
खरगोश ने
मोर ने
हिरण ने
रीछ ने
वन गाय ने कहा...

हमको
यहाँ से निकालो
आदमियों से बचाओ..!
राजा शेर ! !

(आठ)
पूरी होने पर सजा
छोड़ दिए जाते हैं कैदी
या माफ़ कर दी जाती है
उनकी सजा
अच्छा आचरण देख

शेरों को छोड़ दो !
चिडिय़ा घरों से
उनके प्राकृतिक वातावरण में
वे न कैदी हैं
न गुनाहगार

कोई शक भी नहीं
उनके आचरण पर...!