February 2017
अक्षर पर्व ( अंक 209 )
रामनिहाल गुंजन, आरा, बिहार।
उत्सव अंक को यात्रा संस्मरण के रूप में प्रकाशित करने के पीछे आपका जो भी अभिप्राय हो, उससे पाठकों की सहमति होना स्वाभाविक है। वैसे भी पत्र-पत्रिकाओं में छपने वाले यात्रा संस्मरणों से कुछ जरूरी सूचनाएं मिल जाती हैं। इस अंक में प्रकाशित ललित सुरजन, निर्मला डोसी, ओमप्रकाश कादयान, श्याम बाबू शर्मा, डा. सेराज खान बातिश आदि के संस्मरण तो अच्छे लगे ही, साथ ही उनसे लेखकों की साहित्यिक और सांस्कृतिक रूचि का भी पता चला। इसमें राहुल सांकृत्यायन, बलराज साहनी, मोहन राकेश व ओम थानवी के जो यात्रा संस्मरण प्रकाशित हैं, वे बेहतर लगे।