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Sunday 19 Nov 2017

खेल


दुन्या मिखाइल
1965 में जन्मी निर्वासित इराकी कवयित्री दुन्या मिखाइल 2001 से अमेरिका में रह रही हैं। उनकी कविताओं का मुख्य विषय युद्ध है।
वह एक मामूली प्यादा है
हमेशा झपट पड़ता है अगले खाने पर
वह बाएँ या दाएं नहीं मुड़ता
और पीछे पलटकर भी नहीं देखता
वह एक नासमझ रानी द्वारा संचालित होता है
जो बिसात के एक सिरे से दूसरे सिरे तक चल सकती है
सीधे या तिरछे
वह नहीं थकती, तमगे ढोते
और ऊँट को कोसते हुए
वह एक मामूली रानी है
एक लापरवाह राजा द्वारा संचालित होने वाली
जो हर रोज गिनता है खानों को
और दावा करता है कि कम हो रहे हैं वे
वह सजाता है हाथी और घोड़ों को
और एक सख्त प्रतिद्वंदी की करता है कामना
वह एक मामूली राजा है
एक तजुर्बेकार खिलाड़ी द्वारा संचालित होने वाला
जो अपना सर घिसता है
और एक अंतहीन खेल में बर्बाद करता है वक्त अपना
वह एक मामूली खिलाड़ी है
एक सूनी जिंदगी द्वारा संचालित होने वाला
किसी काले या सफेद के बिना
यह एक मामूली जिंदगी है
एक भौंचक्के ईश्वर द्वारा संचालित होने वाली
जिसने कोशिश की थी कभी मिट्टी से खेलने की
वह एक मामूली ईश्वर है
उसे नहीं पता कि
कैसे छुटकारा पाया जाए
अपनी दुविधा से