Monthly Magzine
Tuesday 20 Feb 2018

अक्षर पर्व जुलाई 16 की प्रस्तावना में आपने चंद्रकांत देवताले की कविता के कथ्य और शिल्प को लेकर तथ्यपूर्ण विश्लेषण किया है।

-शिव कुमार अर्चन (भोपाल)

अक्षर पर्व जुलाई 16 की प्रस्तावना में आपने चंद्रकांत देवताले की कविता के कथ्य और शिल्प को लेकर तथ्यपूर्ण विश्लेषण किया है। चंद्रकांत देवताले की कविता कुछ जटिल अवश्य है पर उतनी नहीं जितनी मुक्तिबोध की कविता। देवताले की कविता एक बार अपने आशय में खुल जाने के बाद पाठकों को पकड़ लेती है। उपसंहार में सलमान के हवाले से लम्पट पूंजी का चरित्र उजागर है। निम्न कोटि की मानसिकता अश्लील अहंकार जैसा है। अंक में रजनी शर्मा की पंक लेपन छत्तीसगढ़ अंचल की हृदयस्पर्शी कहानी है। कहानी खेतीहीन श्रमिकों के जीवन संघर्ष और शोषण को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करती है। पाठकों को संवेदना संपन्न बनाती है। अंक की शेष रचनाएँ भी अक्षर पर्व के गौरव और गरिमा के अनुकूल हैं। बधाई।