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Saturday 17 Feb 2018

जुलाई 2016 अक्षर पर्व प्राप्त हुआ आभार। आज हिंदी क्षेत्र में यूँ तो अनेक पत्रिकाएं प्रकाशित हो रही हैं।

 श्याम सखा श्याम

जुलाई 2016 अक्षर पर्व प्राप्त हुआ आभार। आज हिंदी क्षेत्र में यूँ तो अनेक पत्रिकाएं प्रकाशित हो रही हैं। लोग अपनी जेब से अपने पेट अपने परिवार के हक का धन व्यय कर भी हिंदी साहित्य की सेवा कर रहे हैं। लेकिन उनमें से अधिकाँश कुछ अंक के बाद दम तोड़ जाती हैं। ऐसे में अक्षर पर्व का अंक दर अंक एक सम्पूर्ण पत्रिका के रूप में प्रकाशित होना एक सुखद बात है। इस अंक में श्री चन्द्रकांत देवताले के काव्य संग्रह पर सम्पादकीय में आपकी क्लासिक पड़ताल अपने आप में अनूठा कदम है। कहानिया कविताएं आलेख लघुकथा सभी अपने स्तर और पत्रिका स्तर को बनाए हुए हैं। मुझे जिन रचनाओं ने आकर्षित किया उनमें सबसे ऊपर है रेडियो की भाषा-डा. देवधर। भाषा के संदर्भ में यह लघु लेख अपने आप में बहुत कुछ कह गया है जिसका जानना समझना हर लेखक न सही युवा लेखक के लिए जरुरी  है।  दूसरी रचना है श्री अशोक सेकसरिया पर रमेश गोस्वामी का स्मृति शेष शीर्षक से ब्यान नोस्तेल्जिक विवरण।