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Saturday 18 Nov 2017

सलमान खान के बयान पर सर्वमित्राजी की बात पर मैं भी हसताक्षर कर एक और बार अपना विरोध शामिल करना चाहती हूं।

मंदाकिनी श्रीवास्तव,

।।।, एनडीएस, 229, भारतीय स्टेट बैंक के पास, किरंदुल-494556,

जिला दंतेवाड़ा, मो.9424278372

सलमान खान के बयान पर सर्वमित्राजी की बात पर मैं भी हसताक्षर कर एक और बार अपना विरोध शामिल करना चाहती हूं। कहा गया है जाके फटे न पैर बिवाई..., सलमान खान पुरुष हैं और उनके पैर हमेशा लोकप्रियता के जूतों में रहते हैं, इसलिए उनके बिवाई नहींहोगी। न जाने औरतों के साथ यह विडंबना ईश्वर ने क्यों दी है कि उसकी पीड़ा संत्रास को पुरुष प्रधान समाज बहुत हल्के ढंग से लेता है, जैसे कि उसकी वही नियति है। सर्वमित्रा जी ने सही कहा है कि शर्म आती है यह सोचकर कि हमारे देश में सलमान खान जैसे लोग नायक कहलाते हैं। यहां तमाम महिला संगठन भी एक प्रश्नचिह्न की तरह हैं। सलमान खान के बयान पर देश भर में इतना बवाल क्यों नहींहुआ, जितना कि होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित करने वाले संगठनों को यह बयान पच गया, यही बड़ा आश्चर्य है। नारी के शरीर, कपड़ों और चरित्र को लेकर हमेशा ही मजाक बनाया गया है। सर्वमित्रा जी ने बहुत मजबूती से अपनी बात कही है, इसके लिए मैं उन्हें बधाई नहींदूंगी, क्योंकि इस तरह के उद्गारों को मैं कोई लेख का नाम नहींदेना चाहती। मेरा बहुत प्रेम उनके लिए।