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Tuesday 21 Nov 2017

बेटियां

राघवेन्द्र तिवारी
ई एम-33 इंडस टाऊन
एन एच-12, भोपाल-462026
मो. 09424482812
बेटियां
अनकही, अनसुनी
अनजानी कथाएं हैं
बेटियां तो गांव की
पछुआ हवाएं हैं

हर सुबह जो सीढिय़ां
चढ़ती उतरती हैं
सुआपंखी धूप के
डैने कुतरती हैं
जैसे चुप छत की
मुंडेरों पर खड़ीं
कनखियों से झांकती
कुछ व्यस्तताएं हैं
पास हों तो हो चुकीं
गंभीर होती हैं
दूर जाएं तो नदी का
नीर होती हैं

फिर कहां जाएं
अकेले करें बातें
ये पुरानी डगर
ये उद्धृत ऋचाएं हैं