Monthly Magzine
Tuesday 21 Nov 2017

भाजलेस, पूर्णिया जिला का प्रथम सम्मेलन

संस्कृति समाचार
भाजलेस, पूर्णिया जिला का प्रथम सम्मेलन
डॉ. छोटे लाल बहरदार की अध्यक्षता में भारतीय जन लेखक संघ, पूर्णिया का प्रथम जिला सम्मेलन चार सत्रों में एक दिवसीय कार्यक्रम संपन्न हुआ। उद्घाटन भाजलेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ.ध्रुव कुमार ने किया। मुख्य अतिथि संघ के राष्ट्रीय महासचिव कथाकार महेन्द्र नारायण पंकज ने कहा कि आज लोक संस्कृति को उपभोक्तावादी पश्चिमी संस्कृति निगल रही है जिससे हमारी अस्मिता खतरे में है। इस मौके पर डॉ. उत्तिमा केशरी रचित कविता संग्रह - ‘उदास है गांव’ का लोकार्पण भी किया गया। द्वितीय सत्र में ‘सांस्कृतिक संकट और लेखकीय दायित्व’ विषय पर विचार-गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें कथाकार चन्द्र किशोर जायसवाल, सुरेन्द्र शोषण, डॉ.सुवंश ठाकुर अकेला, हेमंत यादव शशि, कर्नल अजीत दत्त, उमेश आदित्य, डा गौरी नाथ झा, डॉ. के. के. चौधरी आदि वक्ताओं ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये। तृतीय सत्र में कोसी क्षेत्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन गोपाल चन्द्र घोष मंगलम् की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें कोसी क्षेत्र के 35 कवियों ने प्रकृति, प्रेम, स्त्री एवं अन्य सामाजिक सरोकारों पर काव्य पाठ किया जिसका मंच संचालन कवि उमेश पंडित ‘उत्पल’ ने किया। चतुर्थ सत्र में भाजलेस, पूर्णिया जिला इकाई का गठन किया गया जिसमें डॉ. उत्तिमा केशरी को अध्यक्ष, कपिलदेव कल्याणी, अनुपलाल साह अनुपम एवं चन्द्रभूषण चन्द्र को उपाध्यक्ष, प्रो. सुरेन्द्र शोषण को कार्यकारी उपाध्यक्ष, दिनकर दिवाना को सचिव, ज्योत्सना कुमारी को संयुक्त सचिव के अलावा यमुना प्रसाद बसाक, दीपक कुमार अज्ञात, अरविंद कुमार सिंह, नीरज पासवान, रौशन कुमार गुप्ता, मो. मुस्ताक आलम, अभिषेक आनन्द एवं अतुल मल्लिक अनजान को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया।
     प्रस्तुति: उमेश पंडित ‘उत्पल’
     मो. 9931926872