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Wednesday 23 May 2018

आजादी गनीमत है


2मौलवी मुहम्मद ‘इस्माईल’ मेरठी
मिले खुश्क रोटी जो आजाद रह कर।
तो वो खौफों जिल्लत के हलवे से बेहतर।।

जो टूटी हुई झोपड़ी बेजरर1 हो।
भली उस महल में जहां कुछ खतर हो।।
1. बिना हानि