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Thursday 24 Jan 2019

आजादी गनीमत है


2मौलवी मुहम्मद ‘इस्माईल’ मेरठी
मिले खुश्क रोटी जो आजाद रह कर।
तो वो खौफों जिल्लत के हलवे से बेहतर।।

जो टूटी हुई झोपड़ी बेजरर1 हो।
भली उस महल में जहां कुछ खतर हो।।
1. बिना हानि