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Thursday 23 Nov 2017

कौमी गीत


2सागर निजामी
 दावा है हर आन हमारा
सारा हिन्दुस्तान हमारा।।
जंगल और गुल्जार हमारे,
दरिया और कुहसार हमारे।
कुएं और बाजार हमारे,
फूल हमारे, खार हमारे।
हर घर हर मैदान हमारा,
सारा हिन्दुस्तान हमारा।।
गो नहीं इसमें फौजी कुव्वत,
फिर भी बहुत है दिल में हिम्मत।
और हमारे साथ है कुदरत,
अब कोई ताकत कोई हुकूमत।
रोक तो दे तूफान हमारा,
सारा हिन्दुस्तान हमारा।।
हमसे भारत की रौनक है,
आजादी दिन रात सबक है।
अपनी धनक है अपनी शफक है,
हर जर्रे पर अपना हक है।
खेत अपने दहकान हमारा।।
हिन्द का मालिक हर हिन्दी हो,
सिर्फ यहां एक कौम बसी हो।
बार न पाये ख्वाह कोई हो,
चाहे वह खुद अपनी खुदी हो।
देख जरा अरमान हमारा,
सारा हिन्दुस्तान हमारा।।