Monthly Magzine
Monday 28 May 2018

अक्षर पर्व के कुछ अंकों के कुछ अंश पढ़े हैं। बड़ी उपयोगी पत्रिका है।

अशोक भाटिया

अक्षर पर्व के कुछ अंकों के कुछ अंश पढ़े हैं। बड़ी उपयोगी पत्रिका है। फरवरी 2016 अंक में ललित सुरजन की प्रस्तावना को श्यामसुंदर दास द्वारा लिखित हिंदी शब्द सागर की भूमिका के बरक्स देखें, तो कई चिंताजनक पहलू सामने आते हैं। तब बीस बरस तक सामग्री संचित-विश्लेषित करते रहे हमारे विद्वान। पर आज तो इतने स्रोत व सामग्री व संसाधन होते हुए भी वर्धा हिंदी शब्दकोश में ढेर सारी खामियां रह गयी हैं -सामग्री, प्रकाशन से लेकर आम जन की पहुँच तक। अक्षर पर्व की कवितायें इस मायने में बहुत खास हैं कि ये साधारण पाठक से भी संवाद करने में सफल हैं। शुभकामनाएं।