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Saturday 18 Nov 2017

‘हिंदी जगत: विस्तार एवं संभावनाएं’ का लोकार्पण

 

 नई दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 12 अप्रैल 2016 को विश्व हिंदी सम्मेलन की अनुशंसा अनुपालन समिति की तीसरी बैठक में दसवें विश्व हिंदी सम्मेलन के प्रतिवेदन का लोकार्पण किया। 440 पृष्ठों का यह प्रतिवेदन ‘हिंदी जगत: विस्तार एवं संभावनाएं’ शीर्षक से छपा है और इसका संपादन महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्र ने किया है। विदेश मंत्रालय ने दसवें विश्व हिंदी सम्मेलन का प्रतिवेदन तैयार कर प्रकाशित करने की जिम्मेदारी महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा को सौंपी थी। इस प्रतिवेदन में भोपाल में सितंबर 2015 में आयोजित विश्व हिंदी सम्मेलन की कार्यवाहियों, व्याख्यानों और संस्तुतियों को शामिल किया गया है। प्रो. गिरीश्वर मिश्र ने प्रतिवेदन की पहली प्रति विदेश मंत्री को भेंट की। प्रतिवेदन का लोकार्पण करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि दसवें विश्व हिंदी सम्मेलन की अनुशंसाओं का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रतिवेदन के लोकार्पण समारोह में विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह और किरण रिजीजू और महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्र भी उपस्थित थे।