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Friday 25 May 2018

अक्षर पर्व का उत्सव अंक प्राप्त हुआ। अंक की सभी 20 कहानियां हिन्दी साहित्य के श्रेष्ठ रचनाकारों की हैं।

अक्षर पर्व का उत्सव अंक प्राप्त हुआ। अंक की सभी 20 कहानियां हिन्दी साहित्य के श्रेष्ठ रचनाकारों की हैं। लेकिन न जाने क्यों उदय प्रकाश के शिल्प के जादू जगाने को साइकिल न जाने कहां से कहां चलती रहती है, लेकिन कहानी का कथ्य कहां खो जाता है, पता ही नहींचलता। सुषमा मुनीन्द्र की जसोदा एक्सप्रेस महज दृष्य चित्रण पर आधारित कहानी है। हम गांव-कस्बे के लोग रोज ही ऐसे दृश्य देखते रहते हैं। उसमें कोई महत्वपूर्ण कथ्य नजर नहींआता। भीष्म साहनी की चर्चित कहानी वीरो यथार्थ के खंजर से भावनाओं को काट कर रख देती है। अन्य कहानियां भी कहानीकार के क्षेत्र एवं समस्याओं को उजागर करती हैं। लेकिन दिल को छूने वाली कहानी सिर्फ एक है, वह है हृदयेश की बाबा। पक्षियों एवं मानव की भावनाओं को एकात्म करने वाली यह कहानी सर्वश्रेष्ठ है और बार-बार पढऩे के बाद भी हृदय को लुभाती है, न जाने क्यों?  
    राजेन्द्र सिंह गहलौत, बुढार