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Tuesday 21 Nov 2017

भीष्म साहनी एक यथार्थवादी रचनाकार हैं।

उत्तिमा केशरी

पूर्णिया- 854301
फोन- 06454-244776
'अक्षर पर्वÓ जून-15 में हेमलता महिश्वर का आलेख दिल को छू गया। भीष्म साहनी का सीधापन, उनकी सादगी से अवाक रह जाती हूं। भीष्म साहनी एक यथार्थवादी रचनाकार हैं। उनकी पकड़ वैज्ञानिक है। फिर भी वो अपने प्रतिबद्धताओं में उदार हैं। आनंदस्वरूप श्रीवास्तव की रचना 'वाङचूÓ एक स्मरणीय दास्तान है। गहरी संवेदनाओं से संपृक्त यह कहानी मानव मन की पीड़ा और संवेदना को उजागर करती है। चंचल चौहान की रचना में कल्पना साहनी का जिक्र आते ही मुझे 'रूस की एक झलकÓ जिसे कक्षा छठी में पढ़ाती थी- याद आ गई। कितनी जल्दी वह रूस के बच्चों के साथ घुल-मिल गई थी। आज जिस जगह पर हंै- जानकार मन झूम उठा।