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Wednesday 14 Nov 2018

अक्षरपर्व निरंतर स्तरीय रचनाओं के साथ निकल रहा है, यह देखकर प्रसन्नता होती है। सितम्बर अंक में ललितजी ने प्रस्तावना के बहाने कवि भगवत रावत को याद किया, यह देखकर अच्छा लगा।

 

रामनिहाल गुंजन

नया शीतला टोला, आरा-802301 (बिहार)

अक्षरपर्व निरंतर स्तरीय रचनाओं के साथ निकल रहा है, यह देखकर प्रसन्नता होती है। सितम्बर अंक में ललितजी ने प्रस्तावना के बहाने कवि भगवत रावत को याद किया, यह देखकर अच्छा लगा। उसके अलावा उषा वैरागकर आठले का प्रेमचंद पर आलेख, पूनम मिश्रा की कहानी कस्तूरी, हेतु भारद्वाज की कविताएं, कुमार रवीन्द्र के नवगीत, प्रयाग शुक्ल का महेन्द्र भल्ला के बारे में संस्मरण और उपसंहार स्तंभ के अंतर्गत सर्वमित्रा जी के विचार अच्छे लगे।