Monthly Magzine
Saturday 18 Nov 2017

अगस्त का अक्षरपर्व मिला। ललित सुरजन जी की प्रस्तावना एवं पुन: पाठ में परसाई जी की रचना भोलाराम का जीव पढ़कर अद्भुत आनंद मिला

अगस्त का अक्षरपर्व मिला। ललित सुरजन जी की प्रस्तावना एवं पुन: पाठ में परसाई जी की रचना भोलाराम का जीव पढ़कर अद्भुत आनंद मिला। शेष रचनाएं भी प्रतिष्ठानुकूल हैं ।
सुरेन्द्र शर्मा , इ- 25 कृष्णायन, भाटापारा रोड , बलोदा बाज़ार