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Sunday 19 Nov 2017

हिन्दी कहानी सामाजिक यथार्थ से आगे मनुष्य को बचाने में प्रयासरत


विनोद शाही
विचारधारा मंच तथा अनिरुद्ध यादगारी ट्रस्ट की ओर से जुलाई माह में कवि एवं चिंतक संजय मिश्र की अध्यक्षता में तरसेम गुजराल के कहानी संग्रह 'सुनना ही होगा तुम्हेंÓ पर विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. सेवा सिंह तथा विचार विस्तार के लिए कवि सम्पादक मोहन सपरा, विनोद शाही, चिंतक संपादक गुरबचन सिंह, कहानीकार गीता डोगरा शामिल हुए।
विषय प्रवर्तन करते हुए कबीर चेयर के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सेवा सिंह ने कहा कि तरसेम गुजराल की कहानियां परम्परागत भारतीय (हिन्दी) समाज के अंतर्विरोधों के मानवीय दृष्टि से अनुप्राणित अभिव्यक्ति देती है। उनकी 'डोरीÓ कहानी को हिन्दी की श्रेष्ठ कहानियों में से एक बताते हुए कहा कि यहां भारतीय समाज की कन्या विरोधी मानसिकता का ही पर्दाफाश नहीं होता अपितु स्त्री के लिए मानवीय संवेदना को जागृत करने का प्रयास भी यह कहानी बखूबी करती है। मोहन सपरा ने चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि तरसेम गुजराल की कहानियां विषय वस्तु के कारण ही नहीं ट्रीटमेंट के तौर पर भी ध्यान आकर्षित करती हैं। विनोद शाही ने कहा कि ये कहानियां हमें अपनी तरह के भारतीय यथार्थ को समझने में मदद करती है। यहां उत्तर औपनिवेशिक दौर से उपजने वाले संकट अनेक शक्लों में हमारे सामने आते हैं जिनमें पंूजी और बाजार के संकट हैं। उन्होंने तीन कहानियों को विशेष रूप से यह कहकर विश्लेषित किया कि हिन्दी जगत को इन कहानियों के सामथ्र्य को पहचानना चाहिए। इस संदर्भ में 'लोग कहेंगेÓ, 'पुराना आदमीÓ और 'सौ मीटर की दौड़Ó कहानियों की चर्चा की।
अध्यक्षता करते हुए संजय मिश्र ने तरसेम गुजराल की कहानी 'लोग कहेंगेÓ को ऐसी मानवीय चिंता की कहानी बताया जो अपने प्रभाव में सार्वभौम प्रतीत होती है। राजेन्द्र सिंह बेदी की कृष्णचंदर पर की गई इस टिप्पणी को यहां अर्थपूर्ण बताया कि हर लेखक के जीवन में एक ऐसा मोड़ आता है जब वह कहानी लिखने में मजे लेने की बात न करके केवल 'कहानीÓ लिखता है तरसेम गुजराल के यहां अब वाकई 'कहानीÓ लिखी जा रही है।
पुन:- जब तक हम यह गोष्ठी रिपोर्ट भेज पाते उत्तरप्रदेश हिन्दी संस्थान लखनऊ से जारी यह सूचना मिल गई कि तरसेम गुजराल को उनके साहित्यिक कार्य के लिए वर्ष 2014 का सौहाद्र्र सम्मान दिया जा रहा है। इससे यह गोष्ठी और भी सार्थक हुई। तरसेम गुजराल को उनके मित्र परिवार की बधाई।
-विनोद शाही
9, चीमा नगर, एक्स, मिठापुरा रोड, जालंधर-144021