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Thursday 23 Nov 2017

ये अगर कारवाँ नहीं होते । हम जहाँ हैं वहाँ नहीं होते ।

 

देववंश दुबे
किसान राइस मिल के पीछे, कृष्ण नगर
 नमना कला, अंबिकापुर..497001
छत्तीसगढ़ ।
मो.07879076271
1
ये  अगर   कारवाँ  नहीं  होते ।
हम  जहाँ  हैं  वहाँ  नहीं  होते ।

लौटना  है  ये सोचकर  उडऩा,
आसमाँ  में  मकाँ  नहीं  होते ।

चेहरा उनको बयान कर जाये
जो  लबों  से  बयाँ  नहीं होते ।

जुल्म फिर फलता फूलता कैसे
हम  अगर  बेज़ुबाँ  नहीं  होते ।

तीरगी  क्यों  वहाँ नहीं  छाये
लोग  अच्छे  जहाँ  नहीं  होते ।
2

ख्वाब पलकों पे  सजाना आ गया ।
मुस्कराने   का   बहाना  आ  गया ।

उनकी आँखों  की इनायत ही कहें
आईने  से  दिल  लगाना आ  गया ।

वक्त ने मुझको सताया इस कदर
गैर से रिश्ता निभाना आ गया ।

लोग  खुद से  डर रहे  हैं आज भी
कैसा  बुजदिल ये ज़माना आ गया ।

बागबाँ   हूँ  जि़न्दगी  का  इसलिये
दिल को अब हँसना हँसाना आ गया ।

सारे गम  जाने  कहाँ  गुम  हो  गये
जब  नजऱ में आशियाना  आ गया ।

पत्थरों  में  देव  जब दिखने  लगे
तुम समझना सर झुकाना आ गया ।