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Friday 24 Nov 2017

नवग्रह

 

 

नवग्रह
शनि महाराज बहुत हो चुका तुम्हारा आतंक
मंगल अब बंद करो मार-काट
सूर्य तुम्हारी सत्ता हमें
मंजूर नहीं है
चंद्र का चांदनी और रात का खेल
समझ में आ गया है
बुध अब तुम्हारे धन्धे का समय नहीं रहा
शुक्र तुम्हारी सुख-सुविधाएं संकट में हैं
गुरू बदलो अपना वेश
हमारी सत्ता में हो रहा है विस्तार
चंद्र पर पहले से काबिज थे
मंगल पर भी रख दिया है कदम
बाकी ग्रहों के लिए भी हम तैयार कर रहे हैं सेना
नवग्रहों अब तुम करो हवन और पूजन
मनुष्यों की शांति के लिए।