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Monday 16 Jul 2018

अक्षर पर्व का दिसम्बर अंक प्राप्त हुआ। यह अंक बेहतर लगा। प्रस्तावना के साथ-साथ इस अंक में प्रकाशित अन्य रचनाएं और लेख जो खासतौर पर पठनीय हैं

अक्षर पर्व का दिसम्बर अंक प्राप्त हुआ। यह अंक बेहतर लगा। प्रस्तावना के साथ-साथ इस अंक में प्रकाशित अन्य रचनाएं और लेख जो खासतौर पर पठनीय हैं वे हैं- प्रेमकुमार का लेख- हिन्दी की पहली कहानी पर कुछ विचार, रेवरेंट जे.न्युटन की कहानी-जमींदार का दृष्टांत, कमल कुमार की कविता हंसोड़, डा.एपीजे अब्दुल कलाम की कविता मेरी माता तथा अशोक अंजुम की गज़़लें। जहां तक प्रेम कुमार का लेख है, उसमें माधवराव सप्रे की कहानी को अमौलिक ठहराया गया है लेकिन यह नहींबतलाया गया है कि किस मौलिक कहानी से वह प्रभावित है। ललित सुरजन जी को भी इस संबंध में अपने विचार विस्तार से देने चाहिए। बहरहाल टोकरी भर मिट्टी एक अच्छी कहानी मानी जाती है, जिसकी तुलना प्रेमचंद की कहानी विध्वंस से की जा सकती है, जो उस कहानी के बाद लिखी गई।
रामनिहाल गुंजन, नया शीतल टोला, आरा 802301, बिहार