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Sunday 21 Oct 2018

कफ्र्यू

अंकुश्री
सिदरौल, प्रेस कॉलोनी,
पोस्ट बॉक्स 28, नामकुम,
रांची- 834 010
छिप गया है -
सूरज बादल से
आदमी आतंक से।

फैल गयी है -
बिरानगी शहर में
बेचारगी डहर में।

बेताब है उगलने के लिये -
गले से बोली
राइफल से गोली।

बंद खिड़की-दरवाजे पर
दिन का उजाला
अंदर जाने के लिये उतारू है।

थम गयी है सड़क
थम गये हैं लोग सारे
जतरू का रिक्शा भी
थम गया है।

लेकिन जतरू की बीवी
आज मां बनने वाली है
प्रसव का दर्द अब नहीं थम रहा है।

और उसकी बेटी की-
तीन दिनों से थमी भूख भी
अब और नहीं थम रही है।