Monthly Magzine
Saturday 25 Nov 2017

नए विहान की अद्भुत झांकियां

कुंवर किशोर टण्डन
द्वारा श्री शोभित टण्डन
503/5, रेलवे ऑफिसर कॉलोनी,
'रेल विहारÓ हबीबगंज, भोपाल-462024 (म.प्र.)
मो.- 09827280298
यात्रा वृत्तान्त की पुस्तक 'बुलाते हंै क्षितिजÓ जब मेरे हाथ में आई तो पहले उसको सरसरी तौर पर उलट पलट कर देखा, कुछ पृष्ठों पर नजर डाली और फ्लैप तथा उर्मिला जी की अपनी बात पढ़ी। यह सब करने के पश्चात मेरे मस्तिष्क में उर्मिला जी की छवि निर्मित हुई वह एक अत्यंत उत्साह से भरी हुई, सकारात्मक और संंवेदनशील प्रकृति की, सहज, अनुभवी और कुशल व प्रतिभाशाली लेखिका की उभर कर सामने आई। उर्मिला जी ने बावन देशों की यात्रा करने के उपरांत जो अनुभव सहेजे हैं उन्हें इस पुस्तक में बहुत ही आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया है।
यात्राएं निश्चित ही केवल यात्राएं और दृश्यावलोकन ही नहीं होती। उन्हीं के शब्दों में यात्रा भ्रमण यात्रा नहीं। यात्राएं भूगोल दिखाती हैं इतिहास बताती हैं, साहित्य के पन्ने खोलती हैं। कला और संस्कृति की मार्मिक छुवन होती है। 'बुलाते है क्षितिजÓ पढ़कर ये बातें बहुत अच्छी तरह स्पष्ट हो जाती हैं।
किसी भी रचना की सफलता और उसके उद्देश्य की पूर्ति का प्रथम व महत्वपूर्ण चरण पाठक द्वारा रचना को रूचि लेकर पढ़ा जाना व उससे तादात्म्य स्थापित कर लेना होता है। उर्मिला जी का सहज लेखन इन बिंदुओं की बहुत अच्छी तरह पूर्ति करता है। उनका हर वृत्तान्त इतने रोचक ढंग से प्रारंभ होता है कि पाठक में गहरी उत्सुकता भर देता है और वह उसे आगे पढ़े बिना रह नहीं पाता। उदाहरण देखें-
''अलडबरा द्वीप समूह की मेरी यात्रा अन्य सभी यात्राओं से इतनी अलग-थलग थी कि उसे याद कर आज भी रोमांच से भर उठती हूं।ÓÓ(पृष्ठ-1) तथा ''पूरी दुनिया मेंं तीन शहर सबसे खूबसूरत माने जाते हैं। रियो द जेनरो, केपटाउन और वैनकअर। बेहद चाह थी कि काश इन्हें एक बार देख पातीÓÓ (पृष्ठ-74)व ''बहुत दिनों से बहुत कुछ सुनती आ रही थी वेनिस के लिये कि यह अनोखा शहर है, कि यह रोमांटिक है कि यह अकेला शहर है जहां पानी ही पानी है। इस शहर को स्वयं घूमा तो समझ गई कि इसे इतनी सारी उपाधियों से क्यों नवाजा गया है और सचमुच यह जादुई क्यों है।ÓÓ(पृष्ठ-28)
उपरोक्त पंक्तियों को यात्रा विवरण के प्रारंभ में ही पढ़कर पाठक के मन में स्वाभाविक रूप से जिज्ञासा उत्पन्न हो जाती है कि आगे पढ़कर तो देखें कि इस स्थान पर क्या महत्वपूर्ण है अथवा यहां क्या विशिष्ट खूबसूरती है। उर्मिलाजी के लगभग सभी विवरणों में पाठक के मन में उत्कंठा जागृत कर देने की अद्भुत क्षमता है। यह यात्रा विवरण की विशिष्ट सफलता है।
यात्रा वृत्तांत के लेखन का अति महत्वपूर्ण पहलू जिसे मैं मानता हूं वह है हर जगह के विस्तृत विवरण की शैली। उर्मिला जी ने अपने लेखन में हर स्थान का विवरण इतने सूक्ष्म, यथार्थ और आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया है कि पाठक के समक्ष यहां का पूरा चित्र उभर कर आ जाता है। उसे यह अहसास होने लगता है कि वह स्वयं वहां पर उपस्थित है और वास्तविक दृश्य व्यक्तिगत रूप में देख रहा है। यह उर्मिला जी के लेखन की बड़ी सफलता है।
दृष्टान्त देखिये- ''एम्सर्टडम टयूलिप के लिये, बाइसिकिल टै्रक के लिये, ऐनफै्रंक के घर के लिये और यूरोप के एक खूबसूरत शहर के लिये ख्यात हैÓÓ
''शोर शराबे युक्त रंग-बिरंगे पिछवाड़े के बगीचों के पास से सुहावनी नहरों के बगल से गुजरते ट्राम कार में बैठी मैं अपना कैमरा दूसरी पुरानी कारों की तस्वीर लेने के लिये क्लिक करती हँू। देखती हँू कि जगह-जगह बच्चियाँ ग्रीष्म ऋतु के जंगली फूल 'पोजीÓ चुन रही है। पास से गुजरते पुराने ट्राम भी शायद उन्हें फूलों की तरह ही मोहते हैं और वे कह उठती हैं- 'द मूइस्ते ट्रामलिज वान निदरलैंडÓ (ञ्जद्धद्ग द्वशह्यह्ल ड्ढद्गड्डह्वह्लद्बद्घह्वद्य ह्लह्म्ड्डद्वद्यद्बठ्ठद्ग द्बठ्ठ हृद्गह्लद्धद्गह्म्द्यड्डठ्ठस्रह्य)ÓÓ (पृष्ठ-70)
अथवा ''डेनमार्क भ्रमण के बाद यह भ्रम अच्छी तरह टूट गया कि अपनी आधुनिकता और ऐश्वर्य के कारण यह पर्यटकों का चहेता है बल्कि यह बात समझ में आ गई कि अपनी रूढ़ परम्पराओं एवं धारणाओं  के कारण ही यदि कोई देश इतना लोकप्रिय और सुरक्षित है तो वह है डेनमार्क।ÓÓ
''एयरपोर्ट से छ: मील की दूरी पर स्थित सेन्ट्रल स्टेशन तक हम मात्र बारह मिनट में पहुंच गये। बजरी बिछी सड़कें, अच्छी तरह से घेरे हुए पार्क, आम लोगों के लिये फूलों और झरनों से भरे बगीचे और सुनहरे बालों वाले नार्डिक लोग, उत्तरी प्रकाश में चमकती श्वेत-श्याम इमारतें, ये सभी दृश्य मन-पटल को आप्लावित करते रहे है।ÓÓ ''जब मैंने अपने होटल की स्वागकर्ता से कोपेनहेगेन में वर्ष भर में होने वाले बलात्कार का आंकड़ा पूछा तो आश्चर्यचकित होते हुए उस महिला ने कंधे सिकोड़े और कहा 'एकदम नहीं।Ó यह सब सुन कर मैंने सोचा कितना विलक्षण है यह शहर। एक ऐसा शहर जो पूरा खुला रहता है, वहां न तो किसी का डर है, न गोपनीयता की जरूरत ÓÓ (पृष्ठ 42-43)
एक और सुन्दर उदाहरण देखिये- ''हम लोगों ने क्रिस्टल से सुसज्जित तेरह कक्षों वाले उस विशाल ब्रह्माण्ड में प्रवेश किया जो वियेना के शॉनर्जन महल के बाद आस्ट्रिया का दूसरा सबसे बड़ा आकर्षण है। प्रवेश कक्ष के बीचों बीच तीन लाख कैरेट वाला विश्व का सबसे बड़ा क्रिस्टल जगमगा रहा था। उसके चारों ओर कीथ हेरिंग, निको द सेंट फाले, साल्वाडोर डाली, एंडील वार होल की कलाकृतियां छितराई हुईं थी। उस विशाल क्रिस्टल के बगल में मात्र 0.8 मिली मीटर व्यास वाले एक सबसे छोटे क्रिस्टल पर 11 मीटर क्रिस्टल की दीवार जगमगाती रहती है जो पहले कक्ष धरती के गर्भगृह में प्रवेश कराती रहती है। यह जिम व्हिटिंग का यांत्रिक थियेटर है। परदा हटाकर जैसे ही हमने अंदर कदम रखा, लगा कि हम एक मैड हाऊस में सन्न मग्र हो गये हैं- सामने कमीज पैंट लहरा रहे थे और देहहीन जिग नृत्य कर रहे थे।ÓÓ
''चमकता कंपकंपाता क्रिस्टल का जंगल था जिसमें पेड़ों की डालें छत से लटक रही थीं, एक संदेश दे रही थीं कि तकनीक प्रकृति से जुड़ा हुआ है। प्रत्येक पेड़ के मध्य में वीडियो की तरह का एक संयंत्र लगा हुआ था जिससे तरह-तरह के दृश्य निर्मित हो रहे थे। ये कक्ष नितांत सतहीपन व्यक्त करने के चरम प्रयोग थे या क्रिस्टल ब्रह्माण्ड का अत्यंत कौशलपूर्ण, गीतात्मक और लगभग काव्यमय संसार। इसका तुरंत निर्णय ले सकना संभव नहीं था क्योंकि हमने अपने को एक अंधेरी रहस्यात्मक दुनिया से अनन्त प्रकाश द्वारा प्रकाशित क्रिस्टल की एक अलग दुनिया में पाया, जहां तारे जगमगा रहे थे। यह था अन्य संग्रहालयों के समान बाहर निकलने से पहले स्मृति चिन्ह (सुवेनियर) कक्ष क्रिस्टल का ऐसा रंगमंच जिसे दुनिया का सबसे बड़ा क्रिस्टल स्टोर कहा जा सकता है।ÓÓ (पृष्ठ-7-8-9)
उपरोक्त विवरणात्मक पंक्तियां उर्मिला जी के सुंदर प्रभावी लेखन का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। इन्हेंं पढ़कर कभी ऐसा लगता है कि हम स्वयं एम्सटर्डम की पुरानी ट्राम में सफर कर रहे हैं और सुंदर फूलों के बगीचे हमारे सामने से निकल रहे हैं, कोपेनहेगन की सुंदर बजरी बिछी सड़कें, झरने, फूलों के बगीचे व उत्तरी प्रकाश में चमकती श्वेत श्याम इमारतें सब हमारी आंखों के सामने अपनी सुंदरता बिखरा रही हैं। कभी ऐसा लगता है कि हम आस्ट्रिया के खूबसूरत जादुई क्रिस्टल संसार में खुद ही विचरण कर रहे हैं। उर्मिला जी के वृत्तान्त लेखन का यह एक अत्यंत सफल और महत्वपूर्ण अंग है।
पुस्तक के अन्य भागों में भी इसी तरह के विवरण लेखन की सुंदर झांकी प्रस्तुत करते हैं। सनसिटी में साड़ी का जलवा, माराकाश के बाजारों में, लंदन-इतना आकर्षक क्यों, उत्तरी धु्रव का सांताक्लाज इत्यादि के विवरण रोचक और महत्वपूर्ण हैं।
उर्मिला जी की यह पुस्तक 'बुलाते हैं क्षितिजÓ यात्रा वृत्तान्त पर आकर्षक और सहज भाषा में लिखी गई एक सफल और प्रभावी कृति है। यह एक ऐसी पुस्तक है जो पाठक को अपने में बांध कर रखती है और परत दर परत दुनिया के विस्मयकारी, रोमांचक, सुंदर और आकर्षक चित्र व पृष्ठ खोलती जाती है। यह पुस्तक निश्चित ही साहित्य जगत का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। एक सुंदर पठनीय कृति के लिये उर्मिला जी को हार्दिक बधाइयां।