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Monday 06 Jul 2015

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ललित सुरजन
सारे अतिथि आ चुके हैं। जलपान के साथ स्वागत हो गया है। अब सभास्थल की ओर चलना है। लाउडस्पीकर से लगातार घोषणा हो रही है कि कार्यक्रम प्रारंभ होने ही वाला है। स्वागत गृह से सभास्थल दूर नहीं है, बस यही कोई दो-ढाई सौ मीटर या एक फर्लांग। आगे-आगे नवयुवाओं की टोली ढोल-नगाड़ा बजाते चल रही है। दस मिनट में दूरी तय हो जाती है। सामने चौपाल में दरियां बिछी हैं। अच्छी खासी संख्या में श्रोता आ भी चुके हैं। आने का क्रम जारी है। सरस्वती वंदना, अतिथियों की आरती, फूलमाला, टीके से स्वागत होते-होते तक पांचेक सौ जन तो आ ही गए हैं, लेकिन लोगों का आना

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  • सारे अतिथि आ चुके हैं। जलपान के साथ स्वागत हो गया है। अब सभास्थल की ओर चलना है। लाउडस्पीकर से लगातार घोषणा हो रही है कि कार्यक्रम प्रारंभ होने ही वाला है। स्वागत गृह से सभास्थल दूर नहीं है, बस यही कोई दो-ढाई सौ मीटर या एक फर्लांग।
  • By : ललित सुरजन     View in Text Format    |     PDF Format
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