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Friday 17 Apr 2015

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ललित सुरजन
विश्व में सर्जनात्मक विधाओं या कलारूपों का इतिहास जितना पुराना है, सेंसरशिप की अवधारणा भी शायद उतनी ही पुरानी है। जैसा कि हम जानते हैं प्लेटो ने \'द रिपब्लिकÓ में महाकवि होमर के ग्रंथों पर प्रतिबंध लगाने की वकालत की थी। उनके अनुसार इन कृतियों को पढ़कर एथेंस की युवा पीढ़ी दिग्भ्रमित हो सकती थी। प्लेटो ने स्पष्ट लिखा है कि होमर ने अपनी रचनाओं में जैसे चित्र-विचित्र पात्र गढ़े हैं और जिन अविश्वसनीय प्रतीत होती घटनाओं का अंकन किया है, उनका कोमल मनों पर दुष्प्रभाव पडऩे की आशंका है। उन्हें पढऩे से अवयस्क मानस जीवन की वास्तविकताओं से हटकर कल्पनाजीवी बन सकता है। आज से ढाई हजार वर्ष पूर्व प्रतिपादित इस धारणा का

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  • विश्व में सर्जनात्मक विधाओं या कलारूपों का इतिहास जितना पुराना है, सेंसरशिप की अवधारणा भी शायद उतनी ही पुरानी है। जैसा कि हम जानते हैं प्लेटो ने 'द रिपब्लिकÓ में महाकवि होमर के ग्रंथों पर प्रतिबंध लगाने की वकालत की थी। उनके अनुसार इन कृतियों को पढ़कर एथेंस की युवा पीढ़ी दिग्भ्रमित हो सकती थी।
  • By : ललित सुरजन     View in Text Format    |     PDF Format
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  • By : अनुपम मिश्र     View in Text Format    |     PDF Format
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  • By : रमेश कुमार सोनी     View in Text Format    |     PDF Format
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