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Friday 02 Dec 2016

Current Issue

ललित सुरजन
मुझे यह कहने के लिए माफ कीजिए कि युद्ध के बारे में भारतवासियों का ज्ञान व अनुभव बहुत अल्प, सीमित और अधूरा है। बावजूद इसके कि राम-रावण युद्ध तथा महाभारत हमारी जातीय स्मृति के अभिन्न अंश हैं; और बकौल आकार पटेल (पत्रकार एवं टीकाकार) गत दो हजार वर्ष से अधिक समय से भारतीय लोग भाड़े के सैनिक के रूप में दुनिया में अपनी सेवाएं देते आए हैं। अत्यन्त प्राचीन समय में रोमन सेना में भारतीय सैनिक थे, कर्बला के मैदान में पंजाब के हुसैनी ब्राह्मण हजरत अली की ओर से लडऩे गए थे, प्रथम व द्वितीय विश्वयुद्ध में गुलाम भारत के सैनिक अंग्रेजी फौज में अपनी सेवाएं देने के लिए मजबूर थे।

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  • मुझे यह कहने के लिए माफ कीजिए कि युद्ध के बारे में भारतवासियों का ज्ञान व अनुभव बहुत अल्प, सीमित और अधूरा है।
  • By : ललित सुरजन     View in Text Format    |     PDF Format
  • बीती सदी में दो-दो विश्वयुद्धों की विभीषिकाएं दुनिया ने देखी हैं, जिनमें न केवल देश बर्बाद हुए बल्कि पीढिय़ों के सामने अस्तित्व का संकट पैदा हो गया।
  • By : ललित सुरजन     View in Text Format    |     PDF Format
  • संधि-पत्र
  • By : अरुण कमल     View in Text Format    |     PDF Format
  • जलाटा डायरी (बोस्निया युद्ध पर लिखी एक मासूम बच्ची जलाटा की डायरी पढक़र)
  • By : असीमा भट्ट     View in Text Format    |     PDF Format
  • सफेद रात
  • By : आलोक धन्वा     View in Text Format    |     PDF Format
  • नेता और युद्ध
  • By : अन्य     View in Text Format    |     PDF Format
  • मेरी किस्मत में यही अच्छा रहा
  • By : चंद्रकांत देवताले     View in Text Format    |     PDF Format
  • धनुष पर चिडिय़ा
  • By : अन्य     View in Text Format    |     PDF Format
  • खेल
  • By : दुन्या मिखाइल     View in Text Format    |     PDF Format
  • कलाकार बच्चा
  • By : अन्य     View in Text Format    |     PDF Format
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